Property Registration Update : पत्नी के नाम प्रॉपर्टी खरीदना हुआ मुश्किल! 2026 में रजिस्ट्रेशन के नए नियम लागू

By Meera Sharma

Published On:

साल 2026 में संपत्ति खरीदने और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में कई अहम बदलाव किए गए हैं। खासतौर पर उन परिवारों के लिए यह परिवर्तन महत्वपूर्ण है, जो पत्नी के नाम पर जमीन या मकान खरीदते हैं। अब केवल संपत्ति को पत्नी के नाम दर्ज करवा देना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि यह भी स्पष्ट करना जरूरी होगा कि खरीद के लिए धन किस स्रोत से आया है। सरकार ने लेनदेन को पारदर्शी और दस्तावेज़ आधारित बनाने के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है।

988
अभी Join करें WhatsApp Group फ़्री ग्रुप में ज्वाइन करें!!
Join Now →

बेनामी संपत्ति पर सख्ती

पिछले कुछ वर्षों में बेनामी संपत्ति और अघोषित आय के मामलों पर निगरानी बढ़ाई गई है। कई लोग अपनी वास्तविक आय छिपाने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर संपत्ति खरीद लेते थे। इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए कानूनी ढांचा मजबूत किया गया है। अब संपत्ति के स्वामित्व के साथ-साथ भुगतान के स्रोत की भी जांच की जाएगी।

धन के स्रोत का प्रमाण जरूरी

नए नियमों के अनुसार यदि पति अपनी आय से पत्नी के नाम पर संपत्ति खरीदते हैं, तो उन्हें यह साबित करना होगा कि पैसा वैध और घोषित स्रोत से आया है। बैंक ट्रांसफर, चेक या डिजिटल भुगतान का रिकॉर्ड प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। नकद लेनदेन को हतोत्साहित किया जा रहा है और बड़ी राशि के मामलों में बैंकिंग ट्रेल स्पष्ट न होने पर रजिस्ट्रेशन रोका भी जा सकता है।

Also Read:
वरिष्ठ नागरिकों के लिए ट्रेन टिकट पर 50% छूट फिर से लागू जानें पूरी डिटेल – Senior Citizen Relief 2026

पत्नी की आय पर आधारित खरीद

यदि पत्नी स्वयं अपनी आय से संपत्ति खरीद रही हैं, तो उन्हें अपनी आय से संबंधित दस्तावेज़ दिखाने होंगे। इसमें आयकर रिटर्न, सैलरी स्लिप, फॉर्म 16 या व्यवसाय से जुड़ी आय का विवरण शामिल हो सकता है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संपत्ति का मूल्य खरीदार की घोषित आय के अनुरूप हो।

गिफ्ट डीड और घोषणा पत्र की आवश्यकता

अगर पति पत्नी को राशि उपहार के रूप में देते हैं, तो गिफ्ट डीड तैयार करना और उसका विधिवत पंजीकरण करवाना जरूरी होगा। कई राज्यों में अतिरिक्त घोषणा पत्र की भी मांग की जा रही है, जिसमें वास्तविक स्वामी और धन के स्रोत का उल्लेख करना अनिवार्य है। इससे भविष्य में स्वामित्व को लेकर विवाद की संभावना कम होगी।

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा

सरकार डिजिटल और बैंकिंग माध्यमों से भुगतान को प्राथमिकता दे रही है। ऑनलाइन ट्रांसफर या चेक के जरिए भुगतान करने पर पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है, जिससे जांच के दौरान प्रमाण देना आसान होता है। यह कदम आर्थिक व्यवस्था को अधिक औपचारिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया है।

Also Read:
होली पर कितने दिन बंद रहेंगे बैंक, आरबीआई ने बैंक छुट्टियों का जारी किया कैलेण्डर – Bank Holiday 2026

इन बदलावों से शुरुआत में प्रक्रिया थोड़ी जटिल लग सकती है, लेकिन दीर्घकाल में यह ईमानदार निवेशकों के लिए सुरक्षा प्रदान करेगी। स्पष्ट दस्तावेज़ और वैध भुगतान से संपत्ति बाजार में भरोसा बढ़ेगा और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी।

Disclaimer: This article is written for general informational purposes only. For exact legal provisions and state-wise property registration rules, please consult official government notifications or seek advice from a qualified legal or financial expert.

Also Read:
बुजुर्गों के लिए 7 बड़ी सुविधाएं हुईं शुरू, 60 से 75+ उम्र वालों को मिलेगा पूरा फायदा : Senior Citizen Benefits 2026

Meera Sharma

Meera Sharma is a talented writer and editor at a top news portal, shining with her concise takes on government schemes, news, tech, and automobiles. Her engaging style and sharp insights make her a beloved voice in journalism.

Leave a Comment

फ़्री ग्रुप में ज्वाइन करें!!
988
अभी Join करें WhatsApp Group